सुखकारी सबके सदा
Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य
Verse 23 of 65
जय वृन्दावन धाम सब, जनमन पूरन काम।
सुघर सहेलिन संग रँग, बिहरें स्यामा स्याम॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, उत्साह सुख (38)
सबको जय वृन्दावन धाम, हर जन्म पुराना काम है। सुघर सहेलिन संग रंज, बिहारें स्याम स्याम.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, उत्साह और प्रसन्नता (38)