सुखकारी सबके सदा

Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य

Verse 41 of 65

कृष्णरूप श्रीराधिका, राधे रूप श्रीस्याम। दरसन कौं ये दोय हैं, हैं एकहि सुखधाम॥ - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (77) कृष्ण रूप में श्रीराधिका,राधे रूप में श्रीश्यामा। दरसन ये दोनों कौन हैं, सुख का धाम तो एक ही है.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (77)
(दोहा)सुखकारी सबके सदा