सुखकारी सबके सदा
Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य
Verse 47 of 65
सुखनिधि सुन्दरि सरसनी, सुनि स्वामिनि मोरी जु।
दासी तिहारी जय प्रिया, श्री राधा गोरी जू॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सहज सुख (92)
सुखनिधि सुंदरी सरसानि, सुनि स्वामिनी मोरी जू। दासी तिहारी जय प्रिया, श्री राधा गोरी जू.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सहज सुख (92)