वृन्दावन कलानाथौ हृदयानन्द वर्द्धनौ

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Verse 2 of 6

वृन्दावन कलानाथौ हृदयानन्द वर्द्धनौ। सुखदौ राधिका कृष्णौ भजेsहं कुञ्ज गामिनौ॥ - श्री हरिव्यास देवाचार्य, सहज सुख, मंगलाचरण वृन्दावन कलानाथौ हृदयानन्द वर्धनौ। सुखदौ राधिका कृष्णौ भजेश्न कुंज गमिनेउ.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, सहज सुख, मंगलाचरण
लुटेरिन लाड़िली लाल को लयो सर्वस रस लूटिहाहा वृंदा विपिन रम्य अति