तेरी भौंह की मरौरन तें
Nanddas Granthavali — श्री नंददास
Verse 19 of 23
(राग अडानो चौताला)
तेरी भौंह की मरौरन तें ललित त्रीभंगी भये
अंजन दे चितयो भये जू स्याम वाम। [1]
तेरी मुसकान देख दामिनी सी कोंध जात
दीन हवे याचत प्यारी लेत राधे आधो नाम॥ [2]
ज्यों-ज्यों नचायो चाहो तैसे हरि नाचत बल
अब तो मया कीजे चलिये निकुंज धाम। [3]
नंददास प्रभु बोलो तो बुलाय लाऊँ
उनको तो कलप बीतें तेरी घरी याम॥ [4]
- श्री नंददास, नंददास ग्रंथावली, पदावली (72)
(राग अदाणो चौटाला) तेरी भैण की मरौराम तेन ललित त्रिभंगी भये अंजन दे चितायो भये जु स्याम वाम। [1] तेरी मुस्कुराहट देखकर, देवी का नूर नित चमकता है, ले लो नाम प्रिये राधे का.. [2] नाचो जितना चाहो नाचो, जितना चाहो नाचो हरि, अब चलो निकुंज धाम। [3] नंददास प्रभु, आप कहें तो बुला लूं ताकि आपके घर में ही प्राण निकलें यम.. [4] - श्री नंददास, नंददास ग्रंथावली, पदावली (72)