श्री वृंदावन चिद्घन घन

Nanddas Granthavali — श्री नंददास

Verse 20 of 23

श्री वृंदावन चिद्घन घन घन घन छवि पावे। नंद सूनु को नित्य सदन श्रुतिगन जिही गावे॥ - श्री नंद दास, नंद दास ग्रंथावली, श्री कृष्ण सिद्धांत पंचाध्यायी (20) श्री वृन्दावन चिदघन घन घन घन छवि प्राप्त करें। नंद सुनु को नीता सदन श्रुतिगण जिही।।- श्री नंद दास, नंद दास ग्रंथावली, श्री कृष्ण सिद्धांत पंचाध्यायी (20)
तेरी भौंह की मरौरन तेंबड़ौ मन्द अरविन्द सुत