बड़ौ मन्द अरविन्द सुत
Nanddas Granthavali — श्री नंददास
Verse 21 of 23
और ठौर की आगि पिय, पानी पाय बुझाय।
पानी मैं की आगि बलि, काहे लागि सिराय॥
- श्री नंददास, श्री नंददास ग्रंथावली, विरह मंजरी (67)
और पानी पीकर आग बुझायें। जल में आग की बालियाँ और सिर कहाँ से आये? - श्री नंददास, श्री नंददास ग्रंथावली, विरह मंजरी (67)