छबीले नील घन की पूतरी

Nanddas Granthavali — श्री नंददास

Verse 4 of 23

गर्व करो जिनि भूलि कोउ, गृह-जन-धन को पाई। 'नंद' इंद्र ते को बड़ो, दीनो धूरि मिलाइ॥ - श्री नंददास, श्री नंददास ग्रंथावली, भाषा दशम स्कंध (17.18) गर्व करो कि तुम अपने परिवार, प्रजा और धन को भूल गये हो। 'नंद' इंद्र ते को बड़ो, दीनो धूरि मिलै.. - श्री नंददास, श्री नंददास ग्रंथावली, भाषा दशम स्कंध (17.18)
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