छबीले नील घन की पूतरी
Nanddas Granthavali — श्री नंददास
Verse 9 of 23
गोपी प्रेम प्रसाद सो, हौ ही सीख्यौ आय।
ऊधौ तें मधुकर भयौ, दुबिधा जोग मिटाय॥
- श्री नंददास, श्री नंददास ग्रंथावली, भँवर गीत (68.2)
गोपी प्रेम प्रसाद तो, आप यहां हैं, इसे सीखें। उधौ तेन मधुकर भयौ, दुबिधा जोग मिटाय.. - श्री नंददास, श्री नंददास ग्रंथावली, भंवर गीत (68.2)