अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग
Nem Battisi — श्री हित दामोदर दास
Verse 10 of 13
श्री वृंदावन छाँड़ि कै, जो भटक्यौ दिसि देस।
सत्य करै यह कहत हौं, तौ मोहि डसियौ सेस॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (13)
श्री वृन्दावनचण्डी की, जो इस देश में फिरती थीं। तुम मेरे वचन के पक्के हो, तुम मुझे बहकाओगे.. - श्री हित दामोदर दास, नाम बत्तीसी (13)