अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग
Nem Battisi — श्री हित दामोदर दास
Verse 9 of 13
रैन रढौं पानी पियौ, पातर सीथ चुगाउं।
श्री वृन्दावन छांडि कै, अनत न कित हूँ जाऊँ॥
- श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (4)
रैन राधौं पीय जल, पातर सीठ चुगौं। श्री वृन्दावन चंडी कै, अनत न कित हुन जौं.. - श्री हित दामोदर दास, नाम बत्तीसी (4)