भुजा परस्पर अंश दे
Nikunj Keli Madhuri — श्री अली माधुरी
Verse 16 of 34
राधा प्यारी स्वामिनी, निज सहचरि सुखदाय।
अली माधुरी आपके, चरन परी विल्लाय॥
- श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केलि माधुरी, श्री राधा करुणावली
राधा, प्रिय स्वामिनी, आपकी सुखद साथी। अली माधुरी आपके, चरण परी विलाय.. - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केली माधुरी, श्री राधा करुणावली