राखि दृढ़ भरोसो तोको पोषैगी जय श्रीराधा

Nikunj Keli Madhuri — श्री अली माधुरी

Verse 27 of 34

(राग धनाश्री) राखि दृढ़ भरोसो तोको पोषैगी जय श्रीराधा॥ टेक॥ [1] श्यामविहारी आज्ञाकारी, तन मन की सब मैटे बाधा। सुन्दर श्यामा श्याम मनोहर, प्रणतन के पोषण सुख साधा॥ [2] दया उदधि करुणा के सागर, कृपासिन्धु सदगुणन अगाधा। अली माधुरी के सर्वस धन, दम्पति सर्वोपरि आराधा॥ [3] - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुञ्ज केली माधुरी, विनयावली (161) (राग धनश्री) राखी दृढ़ विश्वास पोषण पाओ.. जय श्री राधा.. टेक.. [1] श्याम विहारी आज्ञाकारी, तन मन की सब बाधा दूर करो. सुंदर श्यामला, सांवली, मनमोहक, प्रेम की पोषक, शाश्वत खुशी..[2] दया, उदधि, करुणा के सागर, कृपा के सिन्धु, गुण अपार। अली माधुरी की सारी संपत्ति, युगल का परम सम्मान.. [3] - श्री अली माधुरी जी, श्री निकुंज केली माधुरी, विनयावली (161)
विहारिणि सर्वोपरि शिरताजरसिकजन की मैं बलिहारी