श्यामा चरण कमल की आस
Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास
Verse 17 of 108
(राग खम्माज त्रिताल)
श्यामा चरण कमल की आस॥
श्रीवृन्दावन रानी राधे, रखिये अपने पास।
यमुना पुलिन प्यारो सोहे, सेवाकुञ्ज निज खास॥ [1]
युगल माधुरी नैनन देखूँ, वनूँ तिहारी दास।
श्रीगोपाल हित हरि स्वामिनि, हिये रचावो रास॥ [2]
- श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी (32)
(राग खम्मज त्रिताल) श्यामा चरण कमल की अस... श्री वृन्दावन महारानी राधे, इसे अपने पास रखो। यमुना पुलिन प्यारो सोहे, सेवाकुंज है खास..[1] युगल माधुरी नैनन देखूं, वनुन तिहारी दास। श्री गोपाल हित हरि स्वामिनी, हिये रचवो रस.. [2] - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुंज वेले], निकुंज रस वल्लरी (32)