राधा नाम को आधार
Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास
Verse 28 of 108
कवधौं सेवाकुंज में, ह्वैंहों श्यामतमाल।
लतिका करगहि विरमिहैं, ललित लडैतीलाल॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (56)
कवधौं सेवाकुंज पुरुष, वैन्हो श्यामताल। लतिका करगहि विरामिहैं, ललित लड़ैतीलाल.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (56)