श्यामा चरण कमल की आस

Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास

Verse 30 of 108

श्रीवृन्दावन धाय धाय, कालिन्दी पै जाय जाय, राधा-राधा गाय-गाय, करेंगे गुजारा हम। [1] माँग टूक खाय-खाय, जमुना जल पाय-पाय, लता वेलि सुखद छाय काहू सों ना करें गम॥ [2] घाटल कुञ्ज सोय-सोय, निर्जन वन रोय-रोय, हृदय कूटि धोय-धोय, निकसेंगे कब दम। [3] प्रिया छवि देख-देख, काजर की रेख देख, विधना के लिखे लेख, रद्द करें खाते यम॥ [4] - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी (58) श्री वृन्दावन धाय धाय, कालिंदी पै जय जय, राधा-राधा गे-गे, हम बचे रहेंगे। [1] मांग टुक खाओ-खाओ, जमुना जल पिया-पाया, लता वेलि सुहावनी छाया, क्यों न होओ उदास बेटा.. [2] घाटल कुंज सोओ-सोओ, सुनसान वन रोओ-रोओ, हृदय कुटिया धो-धोओ, कब छोड़ोगे बांध। [3] प्रिया छवि देखना, काजर की पंक्ति देखना, विधान के लेख लिखना, यम को रद्द करना.. [4] - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुंज वेले], निकुंज रस वल्लरी (58)
बने दोउ रसिक बिहारी बिहारनीरसमय धाम सृष्टि