कीवे कहा पढ़वे को कहा फल
Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास
Verse 61 of 108
और कोई समझो तो समझो हमको एती समझ भली है।
ठाकुर नन्दकिशोर हमारे ठकुरायन वृषभानु लली है ।
सुबल आदि ले सखा श्यामके राधा सँग ललिता जो अली है ।
नित को लाड चाव सेवा सुख भाग बेलि बढ सुफल फली है ।
वृन्दावन वीथिन यमुना तट विहरन ब्रज रज रङ्ग रली है।
कहै भगवान हित रामराय सबते इनकी कृपा बली है ॥
- अज्ञात