जुगल किसोर किसोरी जोरी, गोरी श्याम तमाल।

Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास

Verse 73 of 108

जुगल किसोर किसोरी जोरी, गोरी श्याम तमाल। बसहु निरंतर हिएँ श्री हरिप्रिया, आनंद रूप रसाल॥ - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावानी, सेवा सुख (44) जुगल किशोर किसोरी जोरी, गोरी श्याम तमाल। श्री हरिप्रिया से बसहु निरंतर हीन, आनंद रूप रसाल.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (44)
सुखकारी सबके सदाकीच लगी ब्रज खिरक की