देहु निकुंज निवास स्वामिनी

Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास

Verse 79 of 108

राधेजू मेरौ जनम सुधारौ। अब मोंहि वृन्दावन में डारौ॥ - श्री गोविन्दशरण देवाचार्य राधेजू मेरा जन्म सुधारो। अब वृन्दावन में साधुओं को डर लगता है.. - श्री गोविंदशरण देवाचार्य
देहु निकुंज निवास स्वामिनीराधे आन पड़ो तेरे द्वार