श्यामा चरण कमल की आस

Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास

Verse 8 of 108

नव निकुंज रसदायिनी, करुणामयी रसपुंज। ‘हितगोपाल’ सुख कारिणी, विहरत सेवाकुंज॥ - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी, आशीस दोहा (7) नव निकुंज रसदायिनी, करुणामयी रसपुंज। 'हितगोपाल' सुख कारिणी, विहारत सेवाकुंज.. - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुंज वेले], निकुंज रस वल्लरी, आशीष दोहा (7)
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