कीच लगी ब्रज खिरक की
Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास
Verse 94 of 108
श्री वनराज विलासिनी, मृदुहासिनी सुख पुंज।
श्री कृष्णवल्लभा राधिके, जय जय सेवाकुंज॥
- ब्रज के दोहे
श्री वनराज विलासिनी, मृदुहासिनी सुख पुंज। श्री कृष्णवल्लभ राधिके, जय जय सेवाकुंज.. - braj ke dohe