बाँह डुलावति आवति राधा
Paramanand Sagar — श्री परमानन्द दास
Verse 27 of 33
श्रीघनश्याम मनोहर मूरति करत विहार वृन्दावन।
परमानंददास कौ ठाकुर करत रंग निसि दिन मन भावन॥
- श्री परमानन्द दास, परमानंद सागर
वृन्दावन भ्रमण के समय श्री घनश्याम मनोहर मूर्ति। परमानंद दास कौन सा ठाकुर हर दिन मन को रंग देता है.. - श्री परमानंद दास, परमानंद सागर