जय जय राधा-नाम, वृन्दावन जार धाम
Prem Bhakti Chandrika — श्री नरोत्तम दास
Verse 2 of 8
जय जय राधा-नाम, वृन्दावन जार धाम, कृष्णसुख विलासेर-निधि।
हेन राधागुणगान, ना शुनिल मोर कान, वञ्चित करिल मोरे विधि॥
- श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (108)
जय जय राधा-नाम, वृन्दावन जार धाम, कृष्णसुख विलासेरा-निधि। हेन राधागुणगान, न शुनील मोर कण, वाणीचित करिल मोर विधि।।- श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (108)