जय जय राधा-नाम, वृन्दावन जार धाम

Prem Bhakti Chandrika — श्री नरोत्तम दास

Verse 3 of 8

मनेर स्मरण प्राण, मधुर मधुर धाम, युगल-विलास श्रुति सार। साध्य साधन एई, इहा वइ आर नाइ, एइ तत्व सर्वविधिसार॥ - श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (61) मनेर स्मरण प्राण, मधुर मधुर निवास, युगल-विलास श्रुति सार। साध्य का अर्थ है, इहा वै अर नै, ऐ तत्व सर्वविधिसार.. - श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (61)
जय जय राधा-नाम, वृन्दावन जार धामजय जय राधा-नाम, वृन्दावन जार धाम