जय जय राधा-नाम, वृन्दावन जार धाम
Prem Bhakti Chandrika — श्री नरोत्तम दास
Verse 6 of 8
राधिका-चरणरेणु, भूषण करिया तनु, अनायासे पावे गिरिधारी।
राधिका चरणाश्रय, जे करे से महाशय, तारे मुइ बलिहारी॥
- श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (107)
राधिका-चरणरेणु, भूषण करिया तनु, अन्ये पावे गिरिधारी। राधिका चरणाश्रय, जे करे से महाशय, तारे मुई बलिहारी.. - श्री नरोत्तम दास, प्रेम भक्ति चंद्रिका (107)