प्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिं
Prem Vatika — श्री रसखान
Verse 19 of 41
तोरि मानिनी तें हियो, फोरि मोहिनी मान ।
प्रेम देव की छविहि लखि, भए मियाँ रसखान॥
- श्री रसखान, प्रेम वाटिका (50)
तोरी मानिनी तेन हियो, फोरि मोहिनी मन। प्रेम देव की छवि लिखो, भये मियां रसखान.. - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (50)