प्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिं
Prem Vatika — श्री रसखान
Verse 25 of 41
पै एतोहूँ रम सुन्यौ, प्रेम अजूबो खेल।
जांबाजी बाजी जहाँ, दिल का दिल से मेल॥
- श्री रसखान, प्रेम वाटिका (31)
पै एतोहुं राम सुनायौ, प्रेम अजुबो खेल। जांबाजी बाजी जहां, दिल का दिल से मेल.. - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (31)