प्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिं
Prem Vatika — श्री रसखान
Verse 27 of 41
पोथी पढ़ि पंडित हुआ, कै मौलवी कुरान।
जु पै प्रेम जान्यो नहीं, कियौ कहा रसखान॥
- श्री रसखान, प्रेम वाटिका (13)
किताबें पढ़कर वह कुरान के मौलवी जैसे विद्वान बन गये। जु पै प्रेम जान्यो नहीं, कियौ कहा रसखान.. - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (13)