प्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिं

Prem Vatika — श्री रसखान

Verse 34 of 41

प्रेम वारूनी छानि कै, बरुन भरा जलधीस। प्रेमहिं तें विष-पान करि, पूजे जात गिरीस॥ - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (4) प्रेम वारुणी का फिल्टर है, इसमें वारुणी का जल भरा है। प्रेमहिं फिर विष पीता, पूजता जाट गिरीस.. - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (4)
प्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिंप्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिं