प्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिं

Prem Vatika — श्री रसखान

Verse 36 of 41

राधा माधव सखिन संग, बिहरत कुंज कुटीर। रसिक राज रसखानि जहं, कूजत कोइल कीर॥ - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (53) सखिन संग राधा माधव, बिहारत कुंज कुटीर। रसिक राज रसखानि जहां, कुजात कोइल कीर.. - श्री रसखान, प्रेम वाटिका (53)
प्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिंप्रेम फाँस मैं फँसि मरै , सोई जियै सदाहिं