कहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिं
Priti Lata — श्री ब्रजनिधि
Verse 6 of 11
मोहन मोहे मोहनी, भई नेह बढ़वारी।
हा राधे हा हा प्रिया, कहत पुकारी पुकारी॥
- श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (65)
मोहन मोहे मोहनी, भाई नेह बधावरी। हा राधे हा हा प्रिया, कहत पुकारि पुकारि.. - श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (65)