कहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिं

Priti Lata — श्री ब्रजनिधि

Verse 7 of 11

नीलंबर को ध्यान धरि, भए स्याम अभिराम। पीतबसन धारे रहैं, प्रिया बरन लखि स्याम॥ - श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (61) नीलानबर ध्यान धरो श्याम अभिराम। अपने पिता की गद्दी संभाले रखना, लखि स्याम के प्यारे लाल.. - श्री ब्रजनिधि जी, ब्रजनिधि ग्रंथावली, प्रीति लता (61)
कहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिंकहूँ लकुट कहुँ मुरलिका पीताम्बर सुधि नाहिं