राधिके काहे करो हठ री
Radha Sudha Shataka — श्री हठी जी
Verse 3 of 51
आनंद शरण बिधि वंदित चरन एक,
हठी को शरन बृषभानु की किशोरी कौ॥
- श्री हठी जी, राधा सुधा शतक
आनंद शरण बिधि वंदित चरण एक, हाथी को शरण बृषभानु की किशोरी कौ.. - श्री हाथी जी, राधा सुधा शतक