राधिके काहे करो हठ री

Radha Sudha Shataka — श्री हठी जी

Verse 36 of 51

श्री वृषभानुकुमारि के, पग बंदौ कर जोर। जे निसि वासर उर धरैं, ब्रज वसि नंद-किसोर॥ - श्री हठी जी, श्री राधा सुधा शतक (1) श्री वृषभानुकुमारी, आगे बढ़ें और कड़ी मेहनत करें। जे निसि वासर उर धरैन, ब्रज वासी नंद-किशोर.. - श्री हाथी जी, श्री राधा सुधा शतक (1)
राधिके काहे करो हठ रीराधिके काहे करो हठ री