राधिके काहे करो हठ री

Radha Sudha Shataka — श्री हठी जी

Verse 37 of 51

(कवित्त) सुर रखवारी सुर राज रखवारी, शुक शम्भु रखवारी रवि चन्द्र रखवारी है। [1] रिसि रखवारी विधि वेद रखवारी, गिरिजा ने करी कीरति की कीरति सुधारी है॥ [2] दिग रखवारी दिगपाल रखवारी, लोक थोक रखवारी गावैं धराधर धारी है। [3] ब्रज रखवारी ब्रजराज रखवारी ‘हठी’, जन रखवारी वृषभानु की दुलारी है॥ [4] - श्री हठी जी, राधा सुधा शतक (89) (कविता) सूर राखावारी सूर राज राखावारी, शुक शम्भू राखावारी है रवि चन्द्र राखावारी। [1] रिसी रखवारी विधि, वेद रखवारी, गिरिजा ने कारिति की कीर्ति बढ़ाई.. [2] दिग रखवारी, दिगपाल रखवारी, लोक थोक रखवारी गवन सुविख्यात है। [3] ब्रज रखवारी ब्रजराज रखवारी 'हाथी', जन रखवारी वृषभानु की प्यारी.. [4] - श्री हाथी जी, राधा सुधा शतक (89)
राधिके काहे करो हठ रीबैठी रंग भरी है रंगीली रंग रावटी में