राधिके काहे करो हठ री
Radha Sudha Shataka — श्री हठी जी
Verse 6 of 51
साधा काजपल में अराधा छिन आधा हठी,
बाधा हरिबे को एक राधा महारानी है॥
- श्री हठी जी, राधा सुधा शतक
सदा कजापाल में, हाथी का आधा भाग छीन लिया, बढ़ते हुए हरिबे को एक राधा महारानी दे दी.. - श्री हाथी जी, राधा सुधा शतक