राधिके काहे करो हठ री

Radha Sudha Shataka — श्री हठी जी

Verse 7 of 51

बन्दौं पद पंकज सदा, नंदनंदन ब्रजचंद। राधासत बरनत करत, फिर न परौं भव-फंद॥ - श्री हठी जी, श्री राधा सुधा शतक (6) बंदऊं पद पंकज सदा, नंदनंदन ब्रजचंद। बारिश होने पर कोई डर नहीं होगा.. - श्री हाथी जी, श्री राधा सुधा शतक (6)
राधिके काहे करो हठ रीराधिके काहे करो हठ री