हमरे सुख कौ वपु बन्यौ
Ras Ki Sakhi —
Verse 5 of 6
रसिक रसीली बात सों, कहत प्रिया मुख मोरि।
करें बीनती साँवरो, नैननि में कर जोरि॥
- श्री रसिक देव जी, श्री रसिक देव जी की वाणी, रस की साखी (2)
मीठे-मीठे रसीले बोल बेटा, मेरा प्यारा मुख कहता है। अपनी प्यारी नैनी से कर दो पुरजोर विनती.. - श्री रसिक देव जी, श्री रसिक देव जी की वाणी, रस की साखी (2)