तजि के सब पौरस प्रबल, मानें तन गुण हीन।
Rasik Mohini — श्री प्रियादास
Verse 27 of 27
तजि के सब पौरस प्रबल, मानें तन गुण हीन।
बसे निरंतर विपिन में, ज्यों जल जीवन मीन॥
- श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (6)
ताजी की सारी शक्तियाँ प्रबल हैं, मानो उसका शरीर कमज़ोर हो। आधार निरंत विपीन पुरुष, ज्यों जल जीवन मिन.. - श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (6)