मोहनी मोहन सों रसखानि
Raskhan Ratnavali — श्री रसखान
Verse 4 of 39
(सवैया)
बैन वही उनको गुन गाइ, औ कान वही उन बैन सों सानी।
हाथ वही उन गात सरै, अरु पाइ वही जु वही अनुजानी॥ [1]
ज्ञान वही उन आन के संग, औ मान वही जु करै मनमानी।
त्यौं रसखानि वही रसखानि जु, है रसखानि सों है रसखानी॥ [2]
- श्री रसखान, रसखान रत्नावली
(सवैया) बाण भी उसके जैसा है, कान भी उसके बेटे जैसा है। हाथ वही उन गत सराय, अरु पै वही जू वही अनुसारि.. [1] ज्ञान वही उन उन उन उन साथ, और मन वही जू जू करै मणि. रसखानी वही रसखानी हैं, रसखानी के पुत्र रसखानी हैं.. [2] - श्री रसखान, रसखान रत्नावली