मोहनी मोहन सों रसखानि
Raskhan Ratnavali — श्री रसखान
Verse 7 of 39
देख्यो रूप अपार, मोहन सुंदर श्याम को।
वह ब्रजराजकुमार, हिय जिय नैननि में बस्यो॥
- श्री रसखान, रसखान रत्नावली
देखो अपार सौंदर्य मोहन सुंदर श्याम। वाह रे ब्रजराजकुमार नैनानी में बसो.. - श्री रसखान रसखान रत्नावली