मोहनी मोहन सों रसखानि

Raskhan Ratnavali — श्री रसखान

Verse 9 of 39

ए सजनी लोनो लला, लह्यो नंद के गेह। चितयो मृदु मुसिकाइ के, हरी सबै सुधि गेह॥ - श्री रसखान यह लोनो लाला की पत्नी लाह्यो नंद का गेहूं है। मधुर संगीत याद है, हम सबको याद है.. - रसखान जी
मोहनी मोहन सों रसखानिमोहनी मोहन सों रसखानि