भाव महिमा अंग

Rup Madhuri Vani

श्री रूप माधुरी · 3 verses · Braj

  1. 1. भाव अनोखी वस्तु है जो कर जाने कोय
  2. 2. रसविलसनी रसमगन नित
  3. 3. रसविलसनी रसमगन नित