लटकत आावत बाहाँ जोरी

Samay Prabandha — श्री अलबेली अलि

Verse 14 of 19

प्यारी तेरे बड़े बड़े नैन सलोने। चंचल चपल अरुन अनियारे, चितवनि में करैं टौने॥ [1] मान भरे उजरे अति नीकै, मनों रस रूप के दौने। अलबेली अलि बदन कमल पर, पीवत मधुर अली छौने॥ [2] - श्री अलबेली अलि, समय प्रबन्ध (168) डार्लिंग, तुम्हारी बड़ी-बड़ी आंखें खूबसूरत हैं। चंचल अरुण अनियारे, चेतावनी में हंसाउंगा.. [1] मन में भरी ज्योति दे, चिंतन रूप अति सुंदर। अलबेली अली बदन कमाल पर, पीवत मधुर अली छौने.. [2] - श्री अलबेली अली, समय प्रबंधन (168)
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