समय प्रबन्ध
Samay Prabandha
श्री अलबेली अलि · 19 verses · Braj
- 1. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 2. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 3. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 4. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 5. ए दोउ राजत रंग भरे री
- 6. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 7. गुंजन मधुपन सुनत अलींरी
- 8. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 9. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 10. लाल की अँखियाँ रूप लुभानी
- 11. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 12. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 13. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 14. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 15. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 16. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 17. रुनकि-झुनकि आवति कुंजनि तैं
- 18. लटकत आावत बाहाँ जोरी
- 19. रुनकि-झुनकि आवति कुंजनि तैं