राजति नव निकुंज नव जोरी
Saras Dev Vani — श्री सरस देव
Verse 4 of 5
श्री बिहारी प्यारी पर हौं वारी,
सदा प्रसन्न वदन बिबि सुन्दर, संतत सब सुखकारी॥
- श्री सरस देव जी, श्री सरस देव जू की बानी (21)
प्रिय श्री बिहारी, सदा सुखी पत्नी, सुन्दर पत्नी, सर्व सुखी संतान... - श्री सरस देव जी, श्री सरस देव जू की बानी (21)