बाँकी पाग चन्द्रिका तापर तुर्रा रुरकि रहा है
Saras Sagara —
Verse 2 of 6
हर दम याद किया कर हरि की, दरद निदान हरैगा।
मेरा कहा न खाली ऐ दिल ! आनँद कंद ढरैगा॥ [1]
ऐसा नहीं जहाँ बिच कोई, लंगर लोग लरैगा।
सहचरिशरण शेर दा बच्चा, क्या गजराज करैगा॥ [2]
- श्री सहचरीशरण देव, सरसमंजावली (8)
हर सांस में हरि का स्मरण करने से परेशानियां दूर हो जाती हैं। मेरे शब्द और ओह ख़ाली दिल! एनएनडी केएनडी धरैगा.. [1] ऐसे नहीं, एंकर लोग बीच में आ जाएंगे। सहचरीशरण सिंह का बच्चा, गजराज क्या करेगा.. [2] - श्री सहचरीशरण देव, सरसमांझावाली (8)