सरसमंजावली

Saras Sagara

· 6 verses · Braj

  1. 1. बाँकी पाग चन्द्रिका तापर तुर्रा रुरकि रहा है
  2. 2. बाँकी पाग चन्द्रिका तापर तुर्रा रुरकि रहा है
  3. 3. जिन जिन ब्रज रज सों रति ठानी
  4. 4. आजु अति राजति नागरी नाहु
  5. 5. झूलत दोऊ नवल हिंडोलैं
  6. 6. श्रीबिहारी प्यारी को खिलौना