राधा वल्लभ भजत भजि भली भली सब होय

Sevak Vani —

Verse 2 of 4

राधा वल्लभ भजत भजि भली भली सब होय। रसिक अनन्य सजाति भजि भली भली सब होय॥ - श्री सेवक जी, सेवक वाणी (10.2) राधावल्लभ भजत भजी भाली, सब ठीक है। रसिक और अन्य मिश्रित सब्जियाँ, सब ठीक है... - श्री सेवक जी, सेवक वाणी (10.2)
राधा वल्लभ भजत भजि भली भली सब होयनिरखत नित्य विहार, पुलकित तन रोमावली