मैं जानी मैं जानी लडैती जू
Shringar Ras Ke Pada —
Verse 16 of 35
प्यारी तेरी छबि पर रबि ससि वारौं।
महल-निकुंज सेज प्रीतम संग, इकटक नित्य निहारौं॥ [1]
लता तमाल सुघन दांमिनि दुति, रतिपति की गति टारौं।
श्री वृन्दावन नित्य बिहारिन, रूप दृगनि मैं धारौं॥ [2]
- श्री रूप सखी, श्री रूप सखी जी की वाणी, श्रृंगार रस के पद (251)
डार्लिंग, रबी ससी वरुण आपकी छवि पर हैं। महला-निकुंज सेज प्रीतम, इक्तक नित्य निहारौं।।[1] लता तमाल सुघन दम्मिनी दुति, रतिपति की गति तारौं। श्री वृन्दावन नित्य बिहारिन, रूप दिगणि मैं धरौं.. [2] - श्री रूप सखी, श्री रूप सखी जी की वाणी, श्रृंगार रस के पद (251)